पहला कदम सुकून का
आर सी मेहता अभिनन्दन ,अभिवादन एवं जय जिनेन्द्र। दोस्तों, आज बलॉगर की साईड पर मेरा पहला कदम, है जो बिना ज्ञान व बिना अनुभव के है । मै आपको बताना चाहता हूँ कि मै कोई लेखक नहीं हूँ ,न कोई साहित्यकार हूँ एवं न हि विद्वान हूँ बस मै साधारण शिक्षित नागरिक हूँ। हम सभी के अन्दर कुछ करने का जूनून छिपा हुआ होता है उसी तरह मेरे अंदर भी एक सकारात्मक ऊर्जा भरा एक जूनून छिपा हुआ हे जो हमेशा मुझे याद दिलाता रहता है कि कुछ अपने लिए ही नहीं बल्कि कुछ अपनों के लिए तो कुछ कर एवं उस जूनून को कब तक अन्दर दबा के रखेगा ,कब तक उसको बाहर न निकालेगा वो हमेशा मुझे धकेलता रहता हे और में उसको बाहर निकालने की हिम्मत नहीं कर पाया हूं लेकिन आज वो समय आया है और मै जागृत हुवा हूं जो आज मुझे मन की ख़ुशी प्रदान करेगा। बस मै इतना ही समझता हूँ कि मै अपने दिल की बात जो अन्दर create होती हे अगर उसको समय पर उसका उपयोग नहीं होता हे तो वो अंदर बना हुआ बुलबुला समाप्त हो जाता है।...