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Showing posts from October, 2020

चलती का नाम गाड़ी

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आर. सी.मेहता ✨चलती का नाम गाड़ी✨ जिंदगी के रास्ते में बहुत  उतार -चढ़ाव  , मोड़, गड्डे इत्यादि देखने को मिलते है। फ़िर भी हम रुकते नहीं चलते रहते है।आगे बढ़ते रहते है।गिरने के समय संभलने की पूर्ण कोशिश करते है। कभी भूखे  सोते नहीं है फिर भी आगे बढ़ते रहते है ।         इसीलिए तो  जिंदगी को "चलती का नाम गाड़ी " कहते है।उस गाड़ी के हर मोड़ पर बहुत सारे  "लाईफ के टर्निग प्वाइंट"  हमे हर क्षण मिलते हे लेकिन वो चांस हम लेते नहीं है और  छोड़ते हुए आगे बढ़ जाते है।विचार कीजिए ?  अगर हम वो जिंदगी के बदलाव के सकारात्मक चांस जो हमे जिंदगी में हर क्षण मिल रहे है उनको लेकर आगे बढ़े तो जिंदगी जीने के लिए कितनी आसान व सरल बन सकती है क्योंकि हम जिंदगी के कठिन रास्तों को तो पार करने में तो सक्षम है। ✅ 💯बात सरल हे लेकिन गंभीर और विचारणीय है। 🙏 आर सी मेहता ♣️♥️♠️♦️

परिवार,समाज व संगठन का जीवन में बड़ा महत्व है।

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आर सी मेहता मनुष्य के जीवन में परिवार,समाज व संगठन का बड़ा महत्व है। हम सभी के जीवन में परिवार, समाज व संगठन का बड़ा महत्व होता है। अकेला व्यक्ति शक्तिहीन है, जबकि संगठित परिवार,समाज व संगठन होने पर उसमें सभी शक्तियां आ जाती है। इसीलिए कहते है की संगठन की शक्ति से  बड़े-बड़े कार्य भी आसानी से किए जा सकते है।परिवार, समाज व संगठन में ही हम सभी की समस्याओं का समाधान भी है और उस समस्या का हल भी। जो परिवार और समाज व संगठन  संगठित होता है उसमे हमेशा खुशियां और शांति बनी हुई रहती है और ऐसा परिवार व संगठन हमेशा तरक्की के नित नए सोपान तय करता है।  संगठन का प्रत्येक क्षेत्र में विशेष महत्व होता है, जबकि बिखराव किसी भी क्षेत्र में अच्छा नहीं होता है। संगठन का मार्ग ही हम सभी की विजय का मार्ग होता है।सभी अच्छे कार्यों के लिए संगठन वरदान साबित होता है। प्रत्येक धर्म एवं साहित्य संगठन और एकता का संदेश देते हैं। सभी धर्मों में कहा गया है कि परस्पर प्रेमपूर्वक वार्तालाप करना चाहिए।संवाद होना चाहिए। जब संगठन एकमत होकर कार्य करता है तो संपन्नता और प्रगति की ओर अग्रसर होता है। संगठन...

मेहनत से अर्जित धन शुकुन देता है …..

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आर सी मेहता मेहनत से अर्जित धन शुकुन देता है …..   मेरे परम स्वजनों, बात है वर्ष 2008 से पहले की, एक दिन मेरे एक क्लाइंट का ऑफिशल कार्य था मेने उस कार्य के लिए मेने मेरी क्षमता से अधिक राशि मांगी और क्लाइंट ने उसी समय निकाल कर मुझे मांगी हुई फ़ीस प्रदान कर दी। मैने प्रथम प्रॉयोरिटी के साथ शाम तक वो कार्य कर दिया।क्लाइंट बहुत खुश हुवा। लेकिन मुझे पूरी रात भर नींद नही आई और बेचैनी के साथ करवटे  बदलते हुवे सुबह हो गयी।रात भर सोचता रहा कि आज एक छोटे से झूठ से कितना पैसा मिल सकता है।यह कार्य मेने पहले से क्यों नही किया। अगर किया होता तो परिवार को कितना खुश रख सकता था।लेकिन यह सारे क्षणिक विचार मुझे मेरे मन को पहले खुशी देते रहे और बाद में कोसते रहे लेकिन मेरे पर हावी नही हो सके।मेने प्रातः उसका समाधान आखिर निकाल ही लिया और फ्रेश होकर क्लाइंट के घर पहुँचा और पूरी राशि मे से खर्चा 10 प्रतिशत निकाल कर 90 प्रतिशत की राशी पुनः क्लाइंट को लौटाई तो क्लाइंट भोचका हो गया और उसने पूछा कि मेरे से कोई गलती हो गयी हो तो बताये या और पैसा देना हो तो भी बताए। मेने बताया गलती आप से ...